• May 29, 2024

इंसानियत अभी जिंदा है

 इंसानियत अभी जिंदा है

*…. इंसानियत अभी जिंदा है….*
या
*…इंसान के पेशे को नहीं, उसकी मेहनत को देखना चाहिए…*

 (मिताली शर्मा)

नाम-काम, धन-दौलत या पैसों से कोई बड़ा नहीं बनता , जिसके पास बड़ा घर, बड़ी गाड़ी या बहुत सारा पैसा है जरूरी नहीं वो मनुष्य है अर्थात मनुष्य होने के लिए ये सब होना जरूरी नहीं पर एक मनुष्य/ एक इंसान होने के लिए इंसानियत होना बहुत जरूरी है और यही तो फर्क होता है इंसान होने में और ना होने में अर्थात अगर आप मनुष्य/ इंसान है तो आपके अंदर दिल है, भावना है, दया है, दर्द है ,प्रेम और सम्मान है ,जिसमे ये सभी गुण है वही एक मनुष्य / इंसान कहलाने योग्य है क्योंकि इस दुनिया में पैसे तो बहुत है पर इंसान कम है, मनुष्य कम है । इंसानियत कोई वस्तु या चीज नहीं है ये तो आपके अंदर की एक सोच को दर्शाती है जैसा कि आप इस तस्वीर में देख रहे हैं। यहां आपको स्पष्ट इंसानियत नजर आ रहा होगा और कहते हैं ना इंसान के पेशे को नहीं उसके मेहनत को देखना चाहिए । यहां एक रिक्शावाला इतनी कड़ी धूप में सवारी बैठाए रिक्शा खींच रहा है, रिक्शे में बैठी महिला , उसको इंसान की कद्र है, उसकी मेहनत की कद्र है इसलिए वो इस कड़कड़ाती धूप में रिक्शे वाले को इतना परिश्रम करता देख उसकी पीड़ा भली-भांति समझ रही थी और इंसानियत के नाते उसने उस रिक्शावाले पर धूप से बचने के लिए छाता लगा दिया । देखने वाले लाखो होते हैं, सोचने वाले हजारो होते हैं,बोलने वाले भी सैकड़ों होते हैं पर करने वाला सिर्फ एक होता है और उस महिला ने दिखा दिया कि हर व्यक्ति में भावना होती है, एक रिक्शेवाले को भी दर्द होता है, धूप लगती है, पसीना निकलता है, वो भी सब महसूस कर सकता है जो हम करते हैं क्योंकि रिक्शा चलाना उसका पेसा है पर वो भी एक इंसान है जो अपना और अपने अपनो का पेट भरने के लिए ये कर रहा है और इसमें कोई शर्म की बात नहीं है क्योंकि यहां सभी को पेट पालने के लिए कुछ न कुछ करना पड़ता है फिर वो कोई भी काम क्यों ना हो, मेहनत और मजदूरी करना कोई गुनाह नहीं है ,बस हमें मेहनत और मजदूरी करने वालों की कद्र नहीं ,वो अलग बात है क्योंकि हमारी सोच ही ऐसी है, उन्हें हमेशा निचा देखा जाता है, कभी उनके कपड़े देख कर बात करते हैं, तो कभी उनके शक्ल को देखकर पर कभी भी उनके मेहनत और परिश्रम को देखकर उसके अनुसार उनसे बात नहीं करते , पर हर कोई ऐसा नहीं है इसलिए यह कहना पूरी तरह सही है कि इंसानियत अभी जिंदा है ।

मिताली शर्मा

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