• May 29, 2024

क्या हिरोशिमा में पीएम मोदी के सामने जापान चलेगा यह ‘इमोशनल ट्रिक’? फिलहाल व्यापार है बड़ी जरूरत

 क्या हिरोशिमा में पीएम मोदी के सामने जापान चलेगा यह ‘इमोशनल ट्रिक’? फिलहाल व्यापार है बड़ी जरूरत

इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेई के प्रधानमंत्रित्व काल में हुए पोखरण परमाणु विस्फोटों के बाद पहली बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के हिरोशिमा जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत जी7 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और मेहमान देशों के प्रमुखों को हिरोशिमा में उन परिवारों से भी मिलवाया जाएगा, जिनके परिजन परमाणु हमले के शिकार हुए थे। विदेशी मामलों के जानकारों का मानना है कि इसके पीछे जापान की एक मंशा यह भी हो सकती है कि वह प्रधानमंत्री मोदी के सामने हिरोशिमा में ‘इमोशनल ग्राउंड’ पर परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की भूमिका बनाए। हालांकि भारत पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए है। प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान भारत और जापान के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिहाज से नई उम्मीदें नजर आ रही है|

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे पीएम हैं, जो हिरोशिमा पहुंच रहे हैं। विदेशी मामलों के जानकार और वरिष्ठ राजनयिक एसएन प्रकाश कहते हैं कि मोदी का जी-7 में शिरकत करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ रही महत्ता की निशानी ही है। वह कहते हैं कि बीते कुछ सालों में भारत ने जिस तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित देशों में धाक जमाते हुए समूची दुनिया में ख्याति अर्जित की है, उससे पूरी दुनिया की निगाहें भारत की ओर लगी हुई हैं। विदेशी मामलों के जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी हिरोशिमा में रहेंगे, क्योंकि हिरोशिमा ही एक ऐसा शहर है, जहां पर पहला परमाणु हमला हुआ था और इसके प्रभावित परिवार आज भी उस हमले का दंश झेल रहे हैं। विदेशी मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि जापान परमाणु संपन्न देशों को हिरोशिमा में उन परिवारों से भी मिलवाने की योजना बना रहा है, जो इस हमले का दंश झेल चुके हैं।

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published.