• April 14, 2024

खबर: नया विज्ञान , नई उपज , कोयले का उपयोग करके बिजली उत्पादन में विशेष विकास की संभावना

 खबर: नया विज्ञान , नई उपज , कोयले का उपयोग करके बिजली उत्पादन में विशेष विकास की संभावना

नई दिल्ली

*खबर: नया विज्ञान , नई उपज , कोयले का उपयोग करके बिजली उत्पादन में विशेष विकास की संभावना*

डॉक्टर अरविंद कुमार चित्तौड़िया

 

विश्व मै एक विकासशील विज्ञान उपलब्ध है जिसका मुख्य उद्देश्य कोयले की खपत को घटाकर बिजली उत्पादन में वृद्धि करना है।

 

इस नए विज्ञान के अनुसार, कोयले को बिजली उत्पादन के लिए एक नये माध्यम में इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे कि कोयले की खपत में 40% तक की कटौती हो सकती है। यह नया विज्ञान विश्वास्य पेटेंट के रूप में यूनाइटेड स्टेट्स में पंजीकृत है और यह विज्ञान अगर भारत में उपलब्ध कराया जाता है तो यह प्रदूषण को भी कम कर सकता है।

 

इस नए विज्ञान के प्रयोग से उपलब्ध और सस्ती बिजली की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध होने से उद्योग और विभिन्न उद्यमों में विकास की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं। इससे बिजली के अत्यधिक उपयोग करने वाले गांवों व शहरों में जो लोग बिजली का काम उपयोग करते है, उन लोगो मुफ्त बिजली दी जा सकती है।

 

यह नया विज्ञान भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकार की “मेड इन इंडिया” पहल को भी बढ़ोतरी मिल सकती है।

 

यह नया विज्ञान न केवल ऊर्जा स्रोतों के प्रबंधन में सहायक हो सकता है, बल्कि यह पर्यावरण के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी सुधारने का एक माध्यम बन सकता है।

 

इस विज्ञान के प्रयोग से उद्योगों को सस्ती बिजली की पहुंचने से उन्हें विकास करने का एक नया माध्यम मिल सकता है, जो आर्थिक विकास के साथ-साथ रोजगार की भी सम्भावनाएँ प्रदान कर सकता है।

 

यह विज्ञानिक प्रयोग भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था के विकास के एक नए पथ पर कदम बढ़ा सकता है और साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा में भी मदद कर सकता है।

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