• May 22, 2024

बैंकों की 905 शाखाओं में बदलें 2000 रुपये के नोट, बुजुर्गों, महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता

 बैंकों की 905 शाखाओं में बदलें 2000 रुपये के नोट, बुजुर्गों, महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता

राजधानी लखनऊ में बैंकों की 905 शाखाओं में 23 मई से आप अपने दो हजार के नोट बदलवा सकेंगे। बैंकों की इन शाखाओं में इस काम के लिए अतिरिक्त काउंटर होंगे। आरबीआई के गोमतीनगर स्थित कार्यालय में भी इसके लिए बंदोबस्त होंगे। वहीं, आपका खाता डाकघर में है तो अपने दो हजार के नोट उसमें जमा करा सकेंगे। यहां नोट बदलने की सुविधा नहीं होगी। बैंकों की कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिये भी दो हजार के नोट खाते में जमा करवाए जा सकेंगे।

हर बैंक की शाखा में मिलेगी सुविधा
सार्वजनिक व निजी बैंकों ने दो हजार के नोट बदलने के लिए तैयारियां शुरू कर दीं। यूनाइटेड फोरम फॉर बैंक यूनियंस के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि लखनऊ में विभिन्न बैंकों की कुल 905 शाखाएं हैं, जहां नोटों को बदलने का काम किया जाएगा। रोजाना अधिकतम 20 हजार तक के नोट बदलवा सकेंगे। इसके लिए अपनी सहूलियत वाले किसी भी बैंक शाखा में लोग जा सकेंगे। खाते में जमा कराने के लिए कोई अधिकतम सीमा नहीं है।

 

बुजुर्गों-महिलाओं को मिलेगी तरजीह
बैंकों के अफसरों के मुताबिक नोट बदलने के लिए अलग से काउंटर बनेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त गार्ड तैनात किए जाएंगे। बुजुर्गों व महिलाओं को नोट बदलने में तरजीह दी जाएगी।

आरबीआई कार्यालय में भी खुलेगा काउंटर
आरबीआई के गोमतीनगर स्थित कार्यालय में भी दो हजार के नोट बदले जा सकेंगे। इसके लिए यहां इंतजाम किए जा रहे हैं। लोगों को दिक्कत न हो, इसलिए काउंटर भी बनाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त बैंकों के कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) में भी नोटों को जमा किया जा सकता है, जो सीधे खाते में क्रेडिट होंगे।

127 डाकघरों में ऐसे रहेगी व्यवस्था
डाकघरों में नोट नहीं बदले जाएंगे। हालांकि, खाताधारक अपने नोट अपने खाते में जमा करा सकते हैं। राजधानी में 127 डाकघर हैं। जीपीओ के चीफ पोस्टमास्टर सुशील तिवारी ने बताया कि नोट बदलने को लेकर अभी कोई आदेश नहीं आए हैं। अगर इस बाबत आदेश आता है, तो उसके लिए भी इंतजाम होंगे।

छोटी शाखाओं पर पुलिस संभालेगी मोर्चा
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि बडी बैंक शाखाओं में पर्याप्त गार्ड हैं। छोटी शाखाओं में जहां गार्ड कम हैं, वहां पुलिस की मदद ली जाएगी। इसके लिए पत्र भेजे जा रहे हैं।

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