• April 14, 2024

विदेशियों द्वारा संचालित ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का नोएडा पुलिस ने किया भंडाफोड़

 विदेशियों द्वारा संचालित ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का नोएडा पुलिस ने किया भंडाफोड़

ग्रेटर नोएडा

*विदेशियों द्वारा संचालित ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का नोएडा पुलिस ने किया भंडाफोड़*

रिपोर्ट :- योगेश राणा

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में पहली बार
मैथ ड्रग्स की मैन्युफैक्चरिंग करने वाले कंपनी का नोएडा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आपको बता दें कि नोएडा पुलिस डाढा गोल चक्कर थाना बीटा 2 ग्रेटर नोएडा पर चैकिंग अभियान चला रही थी पुलिस सामने से आ रही टोयोटा इटीयोस कार को रुकने का इशारा किया उन्हें कार को भगाने का प्रयास किया जिस पर पुलिस ने कार को रोककर कार की जांच की तो 300 करोड की मैथाफीटामाइन /MDMA /मैथ ड्रग्स व 04 मोबाइल बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त से पुलिस ने गहनता जांच पड़ताल की ANUDUM एवं AJOKU UBAKA ने पुलिस को जांच में बताया कि थाना सूरजपुर क्षेतान्तर्गत शर्मा मकान नं0 279 सैक्टर थीटा – 2 में फैक्ट्री / लैब संचालित करने का कार्य कर रहे हैं। इसकी सूचना पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह से को दी गई जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त ने डीसीपी ग्रेटर नोएडा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जिस में की एडीसीपी ग्रेटर नोएडा एवं एसीपी प्रथम ग्रेटर नोएडा व स्वाट टीम सहित सहित दो थाने कि फोर्स एवं टैक्निकल इंटेलीजेंस ने अभियुक्त द्वारा बताए गए स्थान पर दिनांक 17/05/2023 को संयुक्त रूप से छापे मार कार्यवाही को अंजाम दिया गया। जहां से पुलिस ने 7 विदेशी नागरिकों को मौके से गिरफ्तार किया है। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में 46 किलो मैथाफीटामाइन /MDMA /मैथ ड्रग्स जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय कीमत 200 करोड रुपये व अवैध मादक पदार्थ बनाने के उपकरण व रौ-मटेरियल एवं अनिर्मित केमिकल बरामद हुआ है जिससे सिंथेटिक ड्रग्स बनाया जा सकता है जिसकी बाजारू कीमत 100 करोड रुपए तक हो सकती है। पकड़े गए अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि यह सभी लोग अफ्रीकी मूल के निवासी हैं। दिल्ली एनसीआर रीजन में ड्रग्स सप्लाई सिंडीकेट चलाते हैं। इसी स्थान पर इनका बेस है। हाल में ही ग्रेटर नोएडा रीजन थीटा-2 स्थित SHARMS’S 279 THETA-2 II में इन्होंने अपना एक फैक्ट्री सैटअप बनाया था । ड्रग्स मैन्यूफैक्चरिंग के बाद ये उसकी सप्लाई दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में करते थे । पकड़े गए अभियुक्तों ने पुलिस को ड्रग्स बनाने के बारे में भी बताया है कैसे ephedrine को बाकी कैमीकल्स के साथ बर्नर पर कुक किया जाता है।कुक करने के उपरान्त मैथ को Acetone/Ethanol/Methanol के शाल्यूशन में एक्सट्रैक्ट किया जाता है । एक्सट्रैक्शन के उपरान्त मैथ को Methanol/ Acetone के शाल्यूशन में फ्रीज किया जाता है । फ्रीज के उपरान्त प्योर मैथ मिलती है।

*पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने क्या कुछ कहा इस गैंग के बारे में*

नोएडा पुलिस ने थाना बीटा -2 पर इस मामले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया था जिस को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार एक तीन मंजिला मकान में छापेमारी की कार्रवाई की गई थी जहां से रंगे हाथों ड्रग्स कंपनी का संचालन होता हुआ पकड़ा गया है। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में 200 करोड़ का MDMA नामक ड्रग्स को पकड़ा है और साथ ही साथ 100 करोड़ का अनिर्मित सिंथेटिक ड्रग्स भी पकड़ा गया है और पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जिस प्रोफेशनल तरीके से ड्रग्स को बनाने का काम कर रहे थे उसे लगता है कि यह लोग इस काम में पूर्ण रूप से निपुण हैं काफी समय से इस काम को कर रहे थे। और यह व्यापक रूप से फैला हुआ है सिंडिकेट जिस को ध्वस्त करने के लिए नोएडा पुलिस 360. डिग्री पर काम कर रही है। और मैथ बनाने की बाकी प्रक्रिया की जानकारी विशेषज्ञों से भी ली जायेगी ।

*अभिसूचना इकाई सहित तमाम खुफिया नेटवर्क हुए धराशाई*

ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के भंडाफोड़ से एक तरफ नोएडा पुलिस का मनोबल बढ़ा है तो दूसरी तरफ एलआईयू सहित तमाम बड़ी खुफिया जांच एजेंसियों के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान भी उठने लगा है। क्योंकि कई ऐसी घटना सामने आ चुकी है जहां विदेशी मूल के नागरिक बिना वीजा के शहर में रह रहे हैं जिसकी भनक तक नहीं है लग रही जांच एजेंसियों को फिर वह चीनी नागरिक से जुड़ा हुआ मामला रहा हो या नाइजीरियन से जुड़ा हुआ मामला रहा हो या अब अफ्रीकी देश से जुड़े हुए लोगों का मामला हर जगह खुफिया एजेंसियों का फेलियर देखने को मिला है। जोकि खुफिया एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। और हम बात करें ड्रग सिंडिकेट कि तो ठीक आज से 5 वर्ष पूर्व पंजाब में भी सिंथेटिक ड्रग्स के साथ तस्कर पकड़े गए थे यह पहला मामला था जब नोएडा से पंजाब के लिए ड्रग्स गई थी अक्सर देखा जाता है कि पाकिस्तान से सटे राज्यों से ही ड्रग्स तस्करी होना पाया जाता रहा है। मगर यह पहली बार था जब नोएडा से पंजाब के लिए ड्रग्स भेजी गई थी जिसे पंजाब पुलिस ने पकड़ लिया था और यह मामला सब को चौंकाने वाला भी था।

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