• April 14, 2024

2000 रुपये के नोट बंद करने के मुद्दे पर विपक्ष में फूट, चंद्रबाबू नायडू ने किया फैसले का समर्थन

 2000 रुपये के नोट बंद करने के मुद्दे पर विपक्ष में फूट, चंद्रबाबू नायडू ने किया फैसले का समर्थन

नई दिल्ली: 2000 रुपये के नोट बंद होने के बाद अब इस पर सियासत शुरू हो गई है। शुक्रवार को इस फैसले के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर जोरदार हमला बोला था। हालांकि अब एक ऐसी खबर आई है जो बताती है कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकमत नहीं है। दरअसल, एक तरफ जहां तमाम विपक्षी दल 2000 के नोटों के बंद होने पर मोदी सरकार पर हमलावर हैं, वहीं आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और TDP नेता चंद्रबाबू नायडू ने इस फैसले का समर्थन किया है। बता दें कि रिजर्व बैंक ने कहा है कि 2000 रुपये के नोट 30 सितंबर तक बदले जा सकेंगे।

 

समर्थन में चंद्रबाबू नायडू ने कही ये बात

2000 रुपये के नोट को बंद करने के फैसले का समर्थन करते हुए नायडू ने कहा कि इस फैसले से करप्शन पर लगाम लगेगी। बता दें कि RBI ने 2000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने की शुक्रवार को घोषणा की थी। हालांकि इस मूल्य के नोट बैंकों में जाकर 30 सितंबर तक जमा या बदले जा सकेंगे। आरबीआई ने शाम को जारी एक बयान में कहा कि अभी चलन में मौजूद 2000 रुपये के नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बने रहेंगे। इसके साथ ही RBI ने बैंकों से 2,000 रुपये का नोट देने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने को कहा है। उसने बैंकों से 30 सितंबर तक ये नोट जमा करने एवं बदलने की सुविधा देने को कहा है।

कबसे बदले जा सकेंगे 2000 के नोट?
बैंकों में जाकर 23 मई से 30 सितंबर तक 2000 रुपये के नोट बदले एवं जमा किए जा सकेंगे। हालांकि एक बार में सिर्फ 20,000 रुपये मूल्य के नोट ही बदले जाएंगे। बहरहाल RBI ने यह साफ नहीं किया है कि कोई व्यक्ति अधिकतम कितने मूल्य के 2000 रुपये के नोट बैंकों में जमा कर सकता है, लेकिन उसने एक बार में अधिकतम 10 नोट ही बदले जाने की बात कही है। RBI का यह कदम नवंबर 2016 के उस अप्रत्याशित ऐलान से थोड़ा अलग है जिसमें घोषणा की आधी रात से ही 500 एवं 1000 रुपये के तत्कालीन नोट को चलन से बाहर कर दिया गया था। उसी समय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोट जारी किए थे।

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