• April 14, 2024

Google के CEO सुंदर पिचाई ने बेचा चेन्नई का पुश्तैनी घर, पिता की आखों में आए आंसू, जानें क्या थी इसकी वजह

 Google के CEO सुंदर पिचाई ने बेचा चेन्नई का पुश्तैनी घर, पिता की आखों में आए आंसू, जानें क्या थी इसकी वजह

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का चेन्नई में बना हुआ पुश्तैनी घर बिक गया है। इस खबर के आते ही लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह था कि अरवों की संपत्ति कमाने वाले सुंदर पिचाई का जिस घर में बचपन और जवानी बीता आखिर उसे बेचा क्यों गया। यह मकान चेन्नई के पॉश एरिया अशोक नगर में स्थित था। जब घर के खरीदार को प्रापर्टी के डॉक्यूमेंट्स दिए गए उस समय सुंदर पिचाई के पिता भावुक हो गए और उनकी आखों आंसू आ गए। आइए आपको बताते हैं कि आखिर किसने सुंदर पिचाई का घर खरीदा और बेचने की वजह क्या थी।

सुंदर पिचाई के इस पुश्तैनी घर को तमिल अभिनेता और निर्माता सी मणिकंदन ने खरीदा। मणिकंदन ने घर खरीदने के बाद कहा कि सुंदर पिचाई ने पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है और वह जिस घर में रहते थे उसे खरीदना मेरे लिए गर्व की बात है। मणिकंदन को घर खरीदने के लिए 4 महीने इंतजार करना पड़ा क्योंकि सुंदर पिचाई और उनके पिता अमेरिका में थे।

मणिकंदन ने सुंदर पिचाई के पिता की प्रशंसा की

सुंदर पिचाई का बचपन का घर कितने में बिका फिलहाल अभी इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है। फिल्म डायरेक्टर मणिकंदन ने यह बताया कि जिस घर को बेचा गया वह प्रापर्टी सुंदर पिचाई की नहीं थी। उन्होंने कहा कि सुंदर पिचाई के पिता की विनम्रता ने उन्हें काफी प्रभावित किया है। मणिकंदन ने कहा कि जब घर का रजिस्ट्रेशन के लिए हम दोनों को एक ऑफिस पहुंचना था तब मैं लेट हो गया था लेकिन सुंदर पिचाई के पिता ने इसका बिल्कुल भी बुरा नहीं माना था।

मकान ने में पिचाई ने गुजारे थे 20 साल

सुंदर पिचाई ने इस मकान में करीब 20 साल गुजारे थे। उनका बचपन और जवानी के काफी साल इसी घर में बीते थे। बाद में 1989 में वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आईआईटी खड़गपुर चले गए। बाद में उनकी जॉब लग गई और कुछ सालों के बाद वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। सुंदर पिचाई इससे पहले आखिरी बार 2021 में चेन्नई आए थे।

भावुक हुए सुंदर पिचाई के पिता

मणिकंदन के कहा कि जिस वक्त मुझे इस घर के डॉक्यूमेंट्स मिले उस वक्त सुदंर पिचाई के पिता भावुक थे और उनकी आखों में आंसू थे। यह उनकी पहली संपत्ति थी इसलिए इससे उनका विशेष लगाव था। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें समझाया कि मैं भले ही खरीद रहा हूं लेकिन आप जब चाहें आकर इसके देख सकते हैं। मणिकंदन ने कहा कि मैंने उनसे यह भी कहा कि इस घर को मैं एक धरोहर की तरह हमेशा संभालकर रखूंगा।

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